Drugs: एक ज़हर बनाम नशा मुक्ति: एक नवजीवन ✍️ लेखक: विक्रांत राजलीवाल --- भूमिका : एक सवाल जो हर घर के दरवाज़े पर खड़ा है आज का युग विज्ञान, तकनीक और तरक़्क़ी का युग कहलाता है, लेकिन इसी चमकते युग के पीछे एक अँधेरा भी पनप रहा है— ड्रग्स (नशा)। ड्रग्स कोई “स्टाइल” नहीं, ड्रग्स कोई “फैशन” नहीं, ड्रग्स कोई “रिलैक्सेशन” नहीं— 👉 ड्रग्स एक धीमा ज़हर है। और 👉 नशा मुक्ति कोई सज़ा नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। --- भाग 1: Drugs – एक ऐसा ज़हर जो दिखाई नहीं देता ज़हर वह नहीं होता जो तुरंत मार दे, सबसे खतरनाक ज़हर वह होता है जो— धीरे-धीरे शरीर को खाता है सोचने की शक्ति को नष्ट करता है रिश्तों को तोड़ता है आत्मसम्मान को कुचल देता है ड्रग्स भी ठीक ऐसा ही ज़हर है। ड्रग्स क्या छीन लेता है? 🧠 दिमाग की स्पष्टता ❤️ परिवार का भरोसा 💪 शारीरिक ताक़त 😔 मानसिक स्थिरता 🌱 भविष्य की संभावनाएँ ड्रग्स लेने वाला व्यक्ति समझता है कि वह “कंट्रोल” में है, पर सच्चाई यह है कि— > ड्रग्स सबसे पहले कंट्रोल का भ्रम देता है, और बाद में पूरा जीवन छीन लेता है। --- भाग 2: नश...
☀️ Morning Tea with Vikrant Rajliwal ☕ दिन की शुरुआत सिर्फ चाय से नहीं, सोच की गर्माहट और इरादों की मजबूती से होती है। हर घूंट में ताज़गी, हर सांस में ऊर्जा, और हर सुबह एक नया संकल्प — आज खुद से बेहतर बनना है। चाय हो या ज़िंदगी, अगर सही समय पर उबाल न आए तो मज़ा अधूरा रह जाता है। ☕🔥 Good Morning with Power & Positivity 🔥☕ 🔖 #VikrantRajliwal #MorningTea #ChaiWithVikrant #MorningVibes #PositiveMorning #DailyMotivation #GoodMorningIndia #LifeEnergy #FitnessMindset #RiseAndShine #ChaiLovers #MorningRoutine