**“नशा, सेक्स और यौन शोषण – एक जलता हुआ सच” | Vikrant Rajliwal Motivation Blog --- ✍️ आज का यह ब्लॉग मैं, विक्रांत राजलीवाल, अपने जीवन के अनुभवों और समाज में हो रही विकृतियों को सा मने लाने हेतु लिख रहा हूँ। दोस्तों, नशा केवल शरीर को नहीं, बल्कि इंसान की आत्मा, उसकी सोच, और उसकी इंसानियत को भी खा जाता है। जब कोई व्यक्ति नशे में अपनी सीमाएँ भूल जाता है, तो वह केवल खुद को नहीं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी विनाश की ओर धकेल देता है। आज समाज के सबसे दर्दनाक रूपों में से एक है — नशे में किया गया यौन शोषण। जब नशे के प्रभाव में कोई व्यक्ति अपनी पत्नी, प्रेमिका या किसी महिला के साथ जबरदस्ती करता है, तो वह केवल अपराध नहीं करता, बल्कि उस रिश्ते, उस विश्वास और उस प्रेम का भी गला घोंट देता है। सेक्स, जिसे प्रेम और भावनाओं का प्रतीक होना चाहिए, नशे के प्रभाव में जब हिंसा बन जाता है, तो यह शारीरिक ही नहीं मानसिक बलात्कार होता है। ऐसे समय पर पीड़ित केवल शरीर से नहीं, मन से भी टूट जाती है। और अपराधी — नशे का गुलाम बनकर अपनी आत्मा खो देता है। मैं कहना चाहता हूँ — 👉 जो व्यक्ति अपने सुख के लि...
क्यों पढ़ें फॉलो शेयर करें विक्रांत राजलीवाल के ब्लॉग? हर व्यक्ति के जीवन में ऐसे अनुभव आते हैं, जो सिर्फ उसे ही नहीं, बल्कि दूसरों को भी दिशा दिखा सकते हैं। मेरे ब्लॉग्स का मकसद यही है – अपने अनुभवों और संघर्षों के जरिए समाज और युवाओं के लिए एक मार्गदर्शन बनना। मैं हूँ विक्रांत राजलीवाल – एक ऐसा व्यक्ति जिसने 15 वर्ष की उम्र से जीवन सुधार और नशों के खिलाफ जंग शुरू की। 2000 से लेकर आज तक मैंने अपने जीवन में अनगिनत उतार-चढ़ाव देखे, संघर्ष किए और उन्हें पार किया। मेरे ब्लॉग्स में आप पाएँगे ये सब –