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आगे मुंह करके दौड़ो, पीछे की गंदगी को पहचानो और छोड़ दो!

आगे मुंह करके दौड़ो, पीछे की गंदगी को पहचानो और छोड़ दो

✍️ लेखन:  विक्रांत राजलीवाल

जीवन कोई छोटा-मोटा ट्रैक नहीं है जहाँ थोड़ी देर दौड़कर आप थक कर बैठ जाएँ।
यह एक मैराथन है — और इस मैराथन में जीत उन्हीं को मिलती है, जो पीछे देखकर नहीं, आगे देखकर दौड़ते हैं।

बहुत से लोग अपने जीवन की रेस में हार इसलिए जाते हैं, क्योंकि उनका ध्यान अपने पीछे छूटे दर्द, भूतकाल की गलतियों, या फिर समाज की ज़हर उगलती सोच में अटका होता है।
लेकिन सच्चाई ये है —

> जो सिर्फ पीछे देखते हैं, वो आगे कभी नहीं बढ़ सकते।



🎯 भूतकाल तुम्हें रोक नहीं सकता — जब तक तुम खुद उसे पकड़कर न बैठो

हर इंसान गलतियाँ करता है।
हर किसी की ज़िंदगी में एक 'अंधेरे वाला चैप्टर' होता है।
लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग उस चैप्टर को बार-बार पढ़ते रहते हैं... और कुछ लोग उसे पढ़कर, सीखकर आगे बढ़ जाते हैं।

अगर तुमने कभी नशा किया हो, किसी बुरी संगति में फँसे हो, या ज़िंदगी की दौड़ से भटक गए हो — तो खुद को माफ़ करो, सीखो और आगे दौड़ो।
क्योंकि जो इंसान बार-बार गिरकर भी उठता है — वही असली ‘BEAST’ कहलाता है।


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🔥 समाज की गंदगी को पहचानो, लेकिन उसमें गिरो मत

लोग तुम्हें रोकने की कोशिश करेंगे।
कभी तुम्हारे पहनावे से, कभी तुम्हारे पास्ट से, कभी तुम्हारी सोच से —
लेकिन तुम ध्यान दो अपने ACTIONS पर।
क्योंकि आज अगर तुम खुद को साबित करोगे,
तो वही समाज जो आज तुम्हें गिरा रहा है —
कल तुम्हें Great बोलेगा।


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💪 Long-Term Thinking = Long-Term Winning

अगर तुम्हें सच में आगे बढ़ना है, तो बस आज के नतीजों से खुश मत हो जाना।
आज के छोटे डिस्ट्रैक्शन्स से खुद को दूर रखो।
फोन, नशा, लोग, comparison — ये सब तुम्हारा समय और ऊर्जा खा जाते हैं।

हर दिन अपने अंदर एक सवाल जगा कर उठो:

> "क्या आज मैं उस इंसान के करीब पहुँचा, जो मैं एक साल बाद बनना चाहता हूँ?"



अगर जवाब हाँ है — तो तुम सही रास्ते पर हो।
अगर नहीं है — तो दिशा बदलो, सोच नहीं।


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🚀 फोकस करो, क्योंकि फोकस ही फोर्स है

जिन्होंने इतिहास बदला, उन्होंने अपने काम को पूजा बनाया।
उनके पास टाइम नहीं था कि कौन क्या कह रहा है।

👉 उनके पास टाइम था सिर्फ ACTION का।
👉 उनके पास टाइम था TRANSFORMATION का।
👉 उनके पास TIME था FUTURE बनाने का।


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