**नववर्ष का सच्चा संकल्प : गलत आदतों का त्याग, न्यायपूर्ण जीवन की शुरुआत** ✍️ – विक्रांत राजलीवाल नया साल सिर्फ तारीख़ बदलने का नाम नहीं है। नया साल अपने भीतर की गंदगी, कमजोरी और अंधकार को छोड़कर एक नई चेतना, नई दिशा और नया चरित्र अपनाने का नाम है। हर साल हम संकल्प लेते हैं — लेकिन कुछ ही दिनों में वही पुरानी आदतें, वही नशा, वही आलस, वही क्रोध और वही हिंसा हमारे जीवन पर फिर से कब्ज़ा कर लेते हैं। इस बार संकल्प सिर्फ शब्दों का नहीं, चरित्र का होना चाहिए। --- गलत आदतें : व्यक्ति ही नहीं, समाज को भी खोखला करती हैं नशा, हिंसा और आलस ये तीनों केवल व्यक्तिगत दोष नहीं हैं — ये समाज की जड़ों में लगा ज़हर हैं। 🔴 नशा नशा इंसान से उसका विवेक छीन लेता है। नशा मेहनत से भागना सिखाता है। नशा रिश्तों को तोड़ता है, शरीर को बीमार करता है और आत्मा को कमजोर। जो व्यक्ति नशे में है, वह अपने परिवार, समाज और देश — तीनों के लिए बोझ बन जाता है। --- 🔴 हिंसा हिंसा सिर्फ हाथों से नहीं होती, हिंसा शब्दों से भी होती है, नज़रों से भी होती है, और चुप्पी से भी होती है। हिंसा हमें न्याय से दूर ले जाती है। ...
“Vikrant Rajliwal – On the path of life transformation since 2000, author of over 17 books, creator of innovative psychological programs, hundreds of literary works, and founder of 8 diverse YouTube channels including IAS preparation. A motivational speaker, comedian, and fitness expert, he inspires thousands to overcome struggles, embrace discipline, achieve success, and lead a balanced, empowered, and purposeful life.”